Thursday, April 9, 2026
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बंगाल चुनाव : सीएम ममता बनर्जी का बड़ा आरोप, बीजेपी ने सत्ता पाने के लिए राज्य में 90 लाख मतदाताओं के नाम हटाए

सीएम ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर पश्चिम बंगाल में सत्ता पाने के लिए मतदाता सूची से 90 लाख से अधिक नाम हटाने का आरोप लगाया। उत्तर 24 परगना के मीनाखान में जनसभा में उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद Trinamool Congress आगामी चुनाव जीतेगी। बनर्जी ने कहा कि हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल कराने के लिए उनकी पार्टी अदालत जाएगी और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करेगी।

Bengal Elections 2026: कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में सत्ता हासिल करने के उद्देश्य से मतदाता सूचियों से 90 लाख से अधिक लोगों के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन परिस्थितियों के बावजूद उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करेगी।

उत्तर 24 परगना जिले के मीनाखान में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि मतदाता सूची से हटाए गए लोगों के नाम फिर से बहाल कराने के लिए उनकी पार्टी अदालत का रुख करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक अधिकारों से लोगों को वंचित करने की कोशिश की जा रही है।

भाजपा ने सत्ता हथियाने के लिए 90 लाख से अधिक नाम हटाए: ममता

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का जिक्र करते हुए बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, बंगाल में सत्ता हथियाने के लिए 90 लाख से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए, लेकिन इसके बावजूद चुनाव हम ही जीतेंगे। उनका यह बयान उस प्रक्रिया के संदर्भ में आया, जिसमें एसआईआर पूरा होने के बाद लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की बात सामने आई है। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उनके मुताबिक कई जगहों पर बांग्ला भाषी नागरिकों को विदेशी या घुसपैठिया बताकर प्रताड़ित किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

हम मतदाता सूची से नाम हटाने के खिलाफ फिर से अदालत जाएंगे: ममता

ममता बनर्जी ने मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर भाजपा और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा और कहा कि उनकी पार्टी मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाने के खिलाफ फिर से अदालत का रुख करेगी। ममता बनर्जी की यह टिप्पणी राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पूरा होने पर लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाये जाने के बाद आयी है।

बनर्जी ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण कवायद को लेकर अपनी मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाकर आप तृणमूल कांग्रेस को नहीं हरा पाएंगे। नाम हटाने के खिलाफ हम फिर से अदालत जाएंगे। बनर्जी ने गत फरवरी में उच्चतम न्यायालय में दलीलें दी थीं, जिसमें उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में हस्तक्षेप का अनुरोध किया था। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में कुल 7.66 करोड़ मतदाता थे, जिनमें से 90.83 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। एसआईआर प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग की आलोचना करते हुए बनर्जी ने कहा, ‘हम नामों को संविधान के अनुसार सूची में शामिल करवाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। अगर लोग वोट नहीं डाल सकते, तो न्यायाधिकरण बनाने की क्या जरूरत है? और फिर आप कह रहे हैं कि सूची ‘फ्रीज’ कर दी गई है। यह क्या है? हम इसे चुनौती देंगे और इसे समझने की कोशिश करेंगे।

हुगली जिले के आरामबाग में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने भाजपा पर मतदाता सूचियों में हेरफेर की कोशिश करने और मतदाताओं को लुभाने के लिए धन की पेशकश करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने निर्वाचन आयोग पर लोगों को फोन पर धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया, निर्वाचन आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। यह लोगों को फोन करके धमका रहा है और डरा रहा है। बाद में, उसी जिले के बालागढ़ में एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने चेतावनी दी कि भाजपा को वोट देने का मतलब एक तरह से ‘मछली, मांस और बांग्ला भाषा बोलने का त्याग’ करना होगा।

बनर्जी ने दावा किया, ‘उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे भाजपा शासित राज्यों में लोगों को अंडे, मछली या मांस खाने की अनुमति नहीं है। अगर भाजपा सत्ता में आती है तो यहां भी ऐसा ही होगा।’ बनर्जी ने श्रीरामपुर में एक और रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा परिसीमन की आड़ में बंगाल को विभाजित करने की साजिश रच रही है।
उन्होंने कहा, भाजपा ने बंगाल को निशाना बनाया है। वह राज्य को फिर से विभाजित करने की साजिश रच रही है। परिसीमन के नाम पर, आप बंगाल से एक और राज्य बनाने की योजना बना रहे हैं।

Mukesh Kumar
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