Pilot Shambhavi Pathak : ग्वालियर। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) की बुधवार को जिस विमान दुर्घटना में बारामती में मृत्यु हुई, उसकी सह-पायलट शांभवी पाठक (Shambhavi Pathak) ने उड़ान भरने से पहले ग्वालियर में रह रहीं अपनी दादी को आखिरी संदेश ‘गुड मॉर्निंग’ भेजा था। इस विमान हादसे में अजित पवार और शांभवी (25) समेत पांच लोगों की मौत हो गई। अन्य मृतकों की पहचान कैप्टन सुमित कपूर, विमान की परिचारिका पिंकी माली और पवार के सहयोगी विदीप जाधव के रूप में हुई है।
शांभवी पाठक ने दादी को भेजा था आखिरी संदेश
ग्वालियर के बसंत विहार में रहने वाली शांभवी की दादी मीरा पाठक ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि उनकी पोती ने यहां के एयरफोर्स स्टेशन में अपने पिता की तैनाती के दौरान एयरफोर्स विद्या भारती स्कूल से पांचवी कक्षा पास की थी और बाद में पिता के स्थानांतरण के बाद परिवार दिल्ली के लोधी कॉलोनी में रहने लगा। उन्होंने बताया कि शांभवी के पिता विक्रम पाठक वायुसेना में पायलट थे और अब वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

मीरा पाठक ने कहा कि शांभवी ने कमर्शियल पायलट का प्रशिक्षण न्यूजीलैंड से लिया था और उसने ब्रिटेन व रूस समेत कई देशों के लिए उड़ानों का संचालन किया था। बुधवार की सुबह मुंबई में विमान में सवार होने से पहले शांभवी ने अपनी दादी को ग्वालियर में ‘गुड मॉर्निंग’ का संदेश भेजा था। मीरा पाठक ने बताया कि सुबह उसका संदेश देखकर वह हैरत में जरूर आईं, क्योंकि वह नियमित तैर पर संदेश नहीं भेजती थी। उन्होंने कहा कि करीब 11 बजे उनके छोटे बेटे ने फोन करके यह जानकारी दी थी कि जिस विमान दुर्घटना में अजित पवार की मौत हुई है, उसमें शांभवी भी थी। उन्होंने कहा कि बाद में शांभवी के पिता और उनके बड़े बेटे ने फोन कर बताया कि वह शव लेने के लिए पुणे जा रहे हैं।
मीरा पाठक की पड़ोसी ऊषा उनियाल ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में कहा कि शांभवी पढ़ने लिखने में बेहद होशियार और स्वभाव में थोड़ी चुलबुली थी। उन्होंने बताया कि वह कभी भी ग्वालियर आती तो अपनी दादी से मिलने का कोई मौका नहीं छोड़ती थी। एक अन्य पड़ोसी ने बताया कि शांभवी 2024 में अपने दादा की मृत्यु और साल 2025 में 12 अक्टूबर को उनकी बरसी पर ग्वालियर आई थी। उड़ानों की निगरानी करने वाली ‘फ्लाइट रडार’ के अनुसार, विमान ने मुंबई से सुबह आठ बजकर 10 मिनट पर उड़ान भरी और सुबह लगभग आठ बजकर 45 मिनट पर यह रडार से गायब हो गया। पवार राज्य में पांच फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनाव के प्रचार अभियान के तहत जनसभाओं को संबोधित करने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। विमान सुबह आठ बजकर 50 मिनट पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ।




