गुवाहाटी। असम की राजनीति में चुनाव से पहले एक नया विवाद सामने आया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की है। इस कदम से राज्य का राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान कुछ ऐसे कदम उठाए गए हैं जो नियमों और आचार संहिता के अनुरूप नहीं हैं।
पार्टी का कहना है कि यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं की गई, तो चुनाव की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। कांग्रेस नेताओं ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोपरि है और इसके लिए आयोग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है।
उनका दावा है कि सभी गतिविधियां चुनावी नियमों के दायरे में रहकर ही की जा रही हैं। इस बीच, भारत के चुनाव आयोग ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिकायत से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी और तथ्यों के आधार पर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। चुनाव के समय इस तरह के विवाद आम होते हैं, लेकिन इस मामले ने असम की चुनावी राजनीति को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। अब सभी की निगाहें चुनाव आयोग के फैसले पर टिकी हैं, जो आगे की स्थिति को स्पष्ट करेगा।



