असम। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के दुधनोई में आयोजित जनसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आदिवासी समाज के विकास के लिए एक ठोस और दूरदर्शी योजना तैयार की है। उन्होंने इसे जनजातीय इलाकों में बदलाव लाने वाला रोडमैप बताया।
अपने संबोधन में शाह ने कहा कि इस योजना का मकसद केवल बुनियादी ढांचे का विकास नहीं, बल्कि आदिवासी समुदाय को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाना भी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इन क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही हैं और इसका लाभ जल्द ही लोगों को मिलेगा।
शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने आदिवासी समाज की अनदेखी की, जबकि वर्तमान सरकार ने उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपतिद्रौपदी मुर्मू मिलना इसी दिशा में एक बड़ा संकेत है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर वे इस विकास योजना को आगे बढ़ते देखना चाहते हैं, तो राज्य में भाजपा को फिर से मौका दें। शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार आदिवासी समुदाय की परंपराओं और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और समान नागरिक संहिता) को इन क्षेत्रों पर लागू नहीं किया जाएगा।
गृह मंत्री ने अपने भाषण में यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने असम में शांति और स्थिरता स्थापित की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर राज्य में राजनीतिक अस्थिरता आती है, तो विकास की गति प्रभावित हो सकती है। इसलिए उन्होंने मतदाताओं से स्थिर और मजबूत सरकार के लिए भाजपा का समर्थन करने की अपील की।



