West Bengal Assembly Election 2026 : लखनऊ। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय चुनाव आयोग के एक सोशल मीडिया पोस्ट पर तंज कसा है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने बुधवार को कहा कि यदि आयोग को ही हटा दिया जाए तो बाकी सारी समस्याएं अपने आप ठीक हो जाएंगी। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच X पर निर्वाचन आयोग के एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, बस, ईसीआई को हटा दीजिए, बाकी सब अपने आप ठीक हो जाएगा। उनका यह बयान पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से जुड़ी चुनावी प्रक्रिया और आयोग की भूमिका को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है।
यादव ने ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में ‘‘नैतिक रूप से भ्रष्ट संस्था’’ हैशटैग का भी इस्तेमाल किया। सपा प्रमुख की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के बीच आई है। इससे पहले, निर्वाचन आयोग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, निर्वाचन आयोग की तृणमूल कांग्रेस को दो टूक…पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव भय रहित, हिंसा रहित, धमकी रहित, प्रलोभन रहित, छापा रहित, बूथ एवं सोर्स जामिंग रहित होकर ही रहेंगे। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में होना है, जिसके तहत 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा।
निर्वाचन आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा: केजरीवाल
तृणमूल कांग्रेस पर निर्वाचन आयोग के पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए, आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने बुधवार को कहा कि यह कहने की भी जरूरत नहीं है कि चुनाव निकाय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अधीन काम कर रहा और उससे सीधे निर्देश ले रहा। निर्वाचन आयोग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था, ‘‘निर्वाचन आयोग की तृणमूल कांग्रेस को दो टूक : इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव भय रहित, हिंसा रहित, धमकी रहित, प्रलोभन रहित, छापा रहित, ‘बूथ एवं सोर्स जामिंग’ रहित होकर ही रहेंगे।’’
केजरीवाल ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, अब यह कहने की भी जरूरत नहीं कि निर्वाचन आयोग सीधे भाजपा से निर्देश लेकर और भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। ये अब जग जाहिर है और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने पोस्ट में कहा, कम से कम ऐसी भाषा के ट्वीट करके इतनी अहम संस्था की इज्जत तो सरेआम मत उछालिये। इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल और निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ के बीच बुधवार को हुई बैठक तनावपूर्ण माहौल में समाप्त हुई। तृणमूल ने आरोप लगाया कि सात मिनट की बैठक के अंत में आयोग के प्रमुख ने उनसे “यहां से चले जाइए” कहा, जबकि आयोग ने तृणमूल नेताओं पर “चिल्लाने” का आरोप लगाया।



