रिपोर्टर : मनोज अवस्थी
Jaipur Factory Fire : जयपुर। बिंदायका थाना इलाके में स्थित औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक प्लास्टिक कूलर बनाने वाली तीन मंजिला फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि उसका धुआं कई किलोमीटर दूर से ही नजर आने लगा। गनीमत रही कि समय रहते फैक्ट्री में सो रहे चार लोगों को जगाकर बाहर निकाल लिया गया, जिससे जनहानि टल गई। हालांकि, फैक्ट्री में रखा लाखों का माल जलकर खाक हो गया।
कूलर बनाने वाली फैक्ट्री में भड़की भीषण आग, मजदूरों को सुरक्षित निकाला
थानाधिकारी राजेश वर्मा ने बताया कि हादसा सुबह करीब आठ बजे हुआ, जब फैक्ट्री के भीतर करीब आधा दर्जन मजदूर सो रहे थे। आग की लपटें उठते देख आसपास के लोगों ने शोर मचाया और सो रहे मजदूरों को समय रहते जगाकर बाहर निकाला। वहीं फैक्ट्री की तीसरी मंजिल पर 11 कमर्शियल गैस सिलेंडर रखे हुए थे। आग की लपटें सिलेंडरों तक पहुंचने से बड़े धमाके का खतरा बना हुआ था। जहां मौके पर मौजूद कांस्टेबल संदीप कुमार और अन्य साथियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर उन सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाला। सिविल डिफेंस के कर्मचारियों ने भी मोर्चा संभाला और अन्य ज्वलनशील पदार्थों को हटाया ताकि आग और ज्यादा न फैले।

40 दमकल गाड़ियों ने 4 घंटे बाद पाया आग पर काबू
सूचना मिलते ही बिंदायका, बगरू, झोटवाड़ा और मानसरोवर से दमकल की करीब 40 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की तीव्रता को देखते हुए जयपुर से विशेष वाहन टीटीएल (टर्नटेबल लैडर) भी बुलाया गया, जिसकी मदद से ऊंचाई पर पहुंचकर पानी की बौछारें की गईं। सिविल डिफेंस के कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर सभी 11 सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाला। थानाधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। फैक्ट्री में भारी मात्रा में कमर्शियल सिलेंडर मिलने और सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी को लेकर जांच की जा रही है।
एएफओ भंवर सिंह ने बताया कि फैक्ट्री के अंदर पहुंचना चुनौतीपूर्ण था। जिसके बाद दमकलकर्मियों ने जेसीबी की मदद से फैक्ट्री का पिछला हिस्सा तोड़कर रास्ता बनाया। करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत और निजी पानी के टैंकरों के सहयोग से आग पर काबू पाया जा सका। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया था। वहीं राहत कार्य के दौरान एक चौंकाने वाली बात सामने आई। फैक्ट्री में आग बुझाने के लिए लगाए गए कई फायर फाइटिंग उपकरण एक्सपायरी डेट के मिले, जो आपात स्थिति में काम नहीं आए।




