Kota Bribery Case: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी की कोटा इंटेलिजेंस इकाई ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए गुमानपुरा थाना के एक कांस्टेबल को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी कांस्टेबल जीतराम ने एक युवक को झूठे मुकदमे में नहीं फंसाने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
झूठे मुकदमे की धमकी देकर मांगी थी रिश्वत
महानिरीक्षक एसीबी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि परिवादी ने 9 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वह पहले बैंक रिकवरी का काम करता था। एक दिन वह अपने दोस्त की दुकान पर बैठा था, तभी कांस्टेबल जीतराम वहां आया और उसे डराया धमकाया।
आरोप है कि कांस्टेबल ने उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं करने और झूठे मुकदमे में नहीं फंसाने के एवज में आठ हजार रुपये की मांग की। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने 7 फरवरी को परिवादी से पांच हजार रुपये जबरन ले लिए थे और शेष तीन हजार रुपये के लिए लगातार दबाव बना रहा था।
सत्यापन के बाद बिछाया गया ट्रैप
एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। इसके बाद एसीबी एएसपी विजय स्वर्णकार के नेतृत्व में ट्रैप की योजना बनाई गई।
मंगलवार को जैसे ही परिवादी ने कांस्टेबल जीतराम को तीन हजार रुपये की रिश्वत दी, इंस्पेक्टर चंद्र कंवर की टीम ने मौके पर उसे गिरफ्तार कर लिया।
आगे की जांच जारी
एसीबी ने आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है या नहीं।




